Latest News

ईसबगोल फायदे ऐंवम सेवन विधि

इसबगोल खाने का सही तरीका
| Isabgol Health Benefits
भारत में इसबगोल बहुत ही पौष्टिक उत्पाद माना जाता है। इससे होने वाले कुछ फायदे तो ऐसे हैं जो आपको शायद ही पता हो। भारत के करीब-करीब हर घर में आपको यह उत्पाद अवश्य मिल जाएगा। हो सकता है आपको इसबगोल नाम जरा अजीब लगे। पर इतना जान लें कि इसके फायदे बहुत हैं। अपने आप को तंदुरुस्त रखने के लिए आप हर दिन कई तरह से इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। आमतौर पर इसे कब्जियत में काफी कारगर माना जाता है। क्या है इसबगोल इसबगोल को अंग्रेजी में सिलीअम हस्क कहते हैं। इसबगोल दरअसल प्लांटागो ओवाटा नामक एक पौधे का बीज होता है। इसकी पत्तियां हू-ब-हू एलोवेरा की तरह होती हैं। पौधे में गेंहू की तरह बड़े-बड़े फूल होते हैं जिसमें इसबगोल का बीज पाया जाता है। इसबगोल का आयुर्वेद में भी महत्वपूर्ण स्थान है। यह अपने लैक्सटिव, कूलिंग और डाइयूरेटिक गुणों के कारण जाना जाता है।
कब्जियत में क्यों प्रभावी होता है इसबगोल? कैसे करता है काम? इसबगोल में कुदरती तौर पर एक चिपचिपा पदार्थ पाया जाता है। इसे पानी में डुबाने के बाद यह फूल जाता है और एक जेल का निर्माण करता है। यह जेल स्वादहीन और गंधहीन होता है। अपने लैक्सटिव गुण के कारण यह आंत को साफ करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। यह किसी भी अन्य पोषक तत्व को सोंखता नहीं है क्योंकि इस पर किसी भी डायजेस्टिव एंजाइम का कोई असर नहीं होता। इसके अलावा यह आंत में मौजूद बैक्टीरीआ और दूसरे नुकसानदेह टाॅक्सिन को भी सोंख लेता है। साथ ही यह आंत की परत पर चिकनाहट भी लाता है।
मात्रा वयस्कों के लिए: 7 से 10 ग्राम या 4 से 6 चम्मच के बराबर इसबगोल दिन में एक से तीन बार पानी या अन्य किसी जूस के साथ लेना चाहिए। सेवन से पहले इसे पूरी रात पानी में फुला लें।
1. कब्जियत दूर करे इसबगोल में नेचुरल लैक्सटिव गुण पाया जाता है और यह फाइबर से भरपूर होता है। इसमें पाया जाना वाला जेलाटिन नेचुरल बोअल मूवमेंट में मदद करता है।
कैसे करे सेवनः इसबगोल को पानी में 5 से 6 घंटे तक फुला लें। रात को सोने से पहले आप इसे गुनगुने दूध के साथ ले सकते हैं।
2. डायरिया का प्राकृतिक उपचार इसबगोल में पाए जाने वाले प्राकृतिक तत्व कब्जियत के साथ-साथ डायरिया से भी राहत पहुंचाता है। अगर आप डायरिया से पीडि़त हैं तो इसे दही के साथ मिला कर लें।
कैसे करे सेवन: चार चम्मच इसबगोल को आठ चम्मच ताजा दही के साथ मिला लें और भोजन के बाद खाएं। अच्छे परिणाम के लिए दिन में दो बार इसका सेवन करें।
3. एसिडिटी से दिलाए राहत यह पेट में एक सुरक्षा कवच तैयार करता है जो डायजेस्टिव एडिस के अत्याधिक स्राव को कम करता है। साथ ही यह पेट में मौजूद एडिस के प्रभाव को निष्क्रय भी करता है।
कैसे करें सेवनः इसबगोल को ठंडे पानी के साथ भोजन के बाद लें।
4. कोलोन को करे साफ इसबगोल की प्रकृति हाइग्रोस्कोपिक होती है। कोलोन में जाने के बाद यह एएमए नामक नुकसानदायक टाॅक्सिन को सोंख लेता है। इसके जरिये आप कई तरह की स्वास्थ संबंधी समस्याओं से निजात पा सकते हैं।
कैसे करें सेवन: महीने में 3 से 4 दिन सोने से पहले इसे गुनगुने पानी के साथ लें।
5. वजन घटाने में मददगार इसकी मदद से आप खाने की इच्छा को नियंत्रित कर सकते हैं। चूंकि यह कोलोन को साफ रखता है, ऐसे में यह भोजन के पाचन में भी मददगार साबित होता है।
कैसे करें सेवन: इसबगोल को पानी में मिलाकर मिक्सचर तैयार कर लें और इसमें नींबू का रस मिला दें। सुबह खाली पेट इसका सेवन करें।
6. दिल की बीमारी को रोके इसबगोल फाइबर से युक्त होता है। चूंकि इसकी प्रकृति हाइग्रोस्कोपिक होती है, इसलिए यह कोलेस्टरोल को एब्जाॅर्ब करता है। यह पेट और आंत पर टाॅक्सिन व तैलीय पदार्थ के अत्याधिक जमाव को रोकता है। साथ ही यह भोजन के फैट को एब्जॉर्ब होने से भी रोककता है।
कैसे करें सेवन: दिन में दो बार भोजन के तुरंत बाद इसबगोल का सेवन करें।
7. पाचन को बढ़ाए फाइबर के कारण यह पाचन में मदद करता है। यह पेट में मौजूद टाॅक्सिन को साफ करता है और आंत में भोजन के मूवमेंट को भी बढ़ाता है।
कैसे करें सेवन: पाचन को बढ़ाने के लिए इसबगोल को बटरमिल्क के साथ भोजन के ठीक बाद लें।
8. मधुमेह को करे नियंत्रित इसबगोल में प्राकृतिक जेलाटिन पदार्थ पाया जाता है जो शरीर में ग्लूकोज के एब्जाॅर्ब्शन और इसके टूटने को धीमा करता है। यानी यह ग्लूकोज के सेवन को कम करने के साथ ही मधुमेह को नियंत्रित करता है।
कैसे करें सेवन: पानी के साथ भोजन के तुरंत बाद लें।
9. बवासीर से दिलाए निजात हम पहले ही बता चुके हैं कि कैसे इसबगोल में मौजूद लैक्सटिव गुण नेचुरत बोअल मूवमेंट में मददगार होता है। इसमें उच्च मात्रा में घुलनशील व अघुलनशील फाइबर पाया जाता है। इससे यह बवासीर में राहत दिलाता है।
कैसे करें सेवन: रात को सोने से पहले पानी के साथ इसबगोल का सेवन करें। ऐसा तब तक करें जब तक आपकी स्थिति में सुधार न हो जाए।
कैसे खरीदें: आमतौर पर यह आपको हर दुकान में मिल जाएगा। साथ ही आप इसे आॅनलाइन भी खरीद सकते हैं।
1. इसबगोल कैप्सुल कभी न खरीदें।
2. बिना किसी फ्लेवर वाला प्राकृतिक इसबगोल ही खरीदें। 3. बाजार से किसी भरोसेमंद ब्रांड का ही इसबगोल खरीदें। इसबगोल के साइड इफैक्ट इसबगोल से कोई गंभीर एलर्जिक रिएक्शन शायद ही कभी होता है। साइड इफैक्ट के मामले में यह काफी सुरक्षित माना जाता है। हां इतना जरूर है कि इसका अत्याधिक सेवन कभी न करें। साथ ही हमेशा इसका सेवन पानी में भिगा कर ही करें। वैसे तो इससे एलर्जिक रिएक्शन नहीं होता है। पर यदि ऐसा हो तो तुरंत डॉक्‍टर से सलाह लें। अगर आपको कभी एपेंडिक्स या पेट में ब्लॉकेज की समस्या रही थी तो डॉक्टर से परामर्श के बिना इसका सेवन कभी न करें। क्या गर्भावस्था के दौरान ले सकते हैं इसबगोल गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन सुरक्षित माना जाता है। हालांकि इसके लिए एक बार डॉक्टर से जरूर परामर्श ले लें।
सौजन्य: | Boldsky

0Shares

By Hastamudraexpert

DC Chaudhery, (BSc; MCom; MEd);
(IAS, HCS Exams Qualified)

Former: DPC-SSA cum
Dy Distt Edu Officer, Fbd,

Member:
- Governing Body,
Faridabad Education Council,
- Ethical Committee,
Manav Rachna International Institute of Research and Studies, Faridabad.

Former Advisor:
Faridabad Navchetna Trust;
(Patron: Hon'ble Vipul Goel Minister)
Dr OP Bhalla Foundation -
(Manav Rachna University, Fbd.)

Former Member:
- Haryana State EducatIon Committee;
- Member, Exams Board of School EducatIon, Haryana;
- Resource Person, Deptt of Education, Haryana;
- Distt President, Haryana Edu Officers Assoc;
- Fin & Admin Advisor,
Additional Deputy Commissioner, Fbd cum Admnistrator Echelon Engg Inst;

An Experienced Holistic Well-being Vedic Educator In The Field Of:
Kundalini Awakening Through
Vedic Hasta Mudras Yoga Therapy,
Chakras Balancing,
Beeja Mantras Jap Yoga,
Meditation, Nadi Shodhan Pranayam &
Vedic Astrology!
Mobile: 9911417418, 9868358257
fb: www.facebook.com/dcchaudhery3
Pg:www.facebook.com/VedicEducators
(fbPg: EduCare: fb.me/VedicEducators/
Email: d.c.chaudhery@gmail.com
Website: www:hastamudras.com

Leave a Reply