Curing Acidity, Puffy Eyes & Weight Loss Through Jalodar Naashak Mudra (जलोधर नाशक हस्त मुद्रा)

जल शामक ऐंवम पृथ्वी हस्त मुद्राओं के नियमित अभ्यास से अनियमित दिनचर्या, फास्ट फूड खाने आदि से उत्पन्न होने वाली एसिडिटी की समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है व इस थेरेपी से अधिक पीरियड्स, जलोदर, बहते जुखाम आदि के समय होने वाली समस्याओं से भी निजता मिल सकता है।

How To Do?

दोनों हाथों की कनिष्टिका उंगलियों को अंगूठे के नीचे जड़ में लगा, अंगूठों से दबाएं। इस तरह दोनों हाथो से करें।
अपने घुटनों पर हाथ रखकर और आंखें बंद करके 6 से 20+ मिनट तक बैठें।


ऐसे मिलता है लाभ:-
योग थेरेपी में ऐसा माना जाता है कि अंगूठे में अग्नि तत्व और छोटी अंगुली में जल तत्व होते हैं। यानि छोटी उंगली को नीचे दबाने से (एसिड के मामले में) अत्यधिक पानी को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इसी तरह अंगूठे से अग्नि तत्व को कम करने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं इस मुद्रा से स्ट्रेस भी कम होता है। जाहिर है स्ट्रेस को एसिडिटी लेवल के साथ जोड़कर देखा जाता है। कुल मिलाकर इस मुद्रा से बहुत राहत मिलती है।

लाभ :-
शरीर में जल की मात्रा अधिक होने से आँखों के नीचे की त्वचा फूल जाती है। 
जल की मात्रा अधिक हो जाने से – पूरा
शरीर भी फूलने लगता हैं और मोटापे की बीमारी व्यक्ति को घेर लेती है व इन सब से छुटकारा पाने के लिए यह मुद्रा बहुत लाभदायक है। 

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