Samaan – TRI-DOSHA NASHAK MUDRA समान हस्त मुद्रा (पंचतत्त्व सन्तुलन) – In English & हिंदी

पंचतत्त्व सन्तुलन हेतु, मुद्रा सँग ॐ लं वं रं यं हं नमः जप करें Samana mudra is symbolic of balance, harmony, and understanding. As samana vayu pervades the alimentary (पाचन तंत्र -digestive) tract, this mudra helps in the processes of ingestion, digestion, absorption and assimilation of nutrients by stoking jatharagni,  gastric fire, and releasing natural acids and enzymes. It stabilizes tridosha, three fundamental body-substances —vata, pitta and kapha — in the body, and improves the functioning of  liver, gallbladder, pancreas, and small intestine.     

Samāna Vayu residing in the Navel is responsible for digestion and is related with Manipur Chakra and Fire Element.

SAMAAN MUDRA (TRI-DOSHA NASHAK MUDRA)

Samaan mudra is very useful to balance all the three doshas Vata, Pita, and Kapha. Due to its impact on all three doshas, it is also called tri-Dosha-Nashak Mudra. This Mudra is one of the best Mudra which balances all the five elements within the body. It is very much beneficial for the sadhak whose all three Doshas disturbed. This Mudra can be used to overcome any disease. Regular practice of Samaan Mudra can help you prevent from many illnesses.

Other names of Samaan Mudra:
• Mukul Mudra.
• Sukri Mudra.

Mukula Mudra resembles the bud of a lotus flower. It is also called the Beak Hand Mudra. The use of this finger posture ensures an instant feeling of rejuvenation by intensifying a sharp focus of healing energy, like a laser beam or a shaft of light. Mukula Mudra is a sudden energy enhancing and relaxing Mudra. It directs energy when healing is required. Samuel West, an American healer and scientist uses Mukula Mudra to electrically recharge the vital organs of the body. This mudra helps to draw in more cosmic energy and brings balance between the mind and body

How to do Samaan Mudra?
Joining the tips of the thumb and all four fingers. Don’t press very hard, a gentle pressure so that fingers can stay with thumb steadily.

Benefits of Samaan Mudra:
Samaan Mudra is useful to balance all three doshas (Vata, Pitta and Kapha). The practice of this Mudra will helping you balance all three Doshas, either deficiency or excess.

Other benefits of Samana Vayu Mudra:-
Samana Vayu Mudra improves digestion.
It balances the metabolism.
It improves functioning of the liver.
Samana Vayu Mudra removes loss of appetite.
It balances the body energies and the Tri-Doshas (Vata, Pitta and Kapha) of the body.
Samana Vayu mudra strengthens the body from inside and gives confidence of mind.
It helps with all gastric troubles and hypertension.

Surabhi Mudra is another Mudras which can gives you the similar result.

Every dosha have particular diet, it is very important to follow a balance Satvik diet, Yoga-asanas, pranayamas with the practice of Mudras for a quicker, affective and long term result.

Duration of Samaan mudra practice:
30 minutes practice is enough for a good results from this Mudra. You can practice it at any time or any position, but don’t forget to keep your spine erect. All the energies are directed through spine. Morning is the best time for Mudras when your mind is quiet and peaceful. If you are facing any illness then point the fingers (while holding the Mudra) towards that part of the diseased body so direct more energy in that particular part, this may give you quick results.

Definition – What does Samana Vayu mean?

Samana vayu (known as “balancing air” in English) is one of the five vayus that make up prana. Samana vayu is believed to exist in the abdomen with the navel as its energy base and oversees the digestion of everything from food to thoughts.

Balancing the samana vayu while practicing yoga poses not only promotes physical strength, but also helps the practitioner move closer to their spiritual aspirations.

Yogapedia explains Samana Vayu

Samana vayu oversees agni, the fire of purification. The energy force of samana vayu is thought to occur in a spiraling motion. In addition, the manipura chakra is associated with this vayu and processes all that the body consumes: food, thoughts, emotions and breath. This internal fire (agni) is believed to be burning (and processing all that is taken in) correctly when prana and apana unite in the samana vayu.

Many yogis seek to balance this vayu through pranayama practice. During pranayama, matching the length of both inhales and exhales causes prana to meet apana. In addition, yogis can help balance the samana vayu by ensuring good digestive health through a healthy diet.

Benifits: समान वायु पेट का वो स्थान जहां भोजन सामग्री रखी हो! For Digestion: Doing it for 5 minutes before Meals, It ActivateIs:-

1.) Gastrointestinal Organs to digest food;
2.) Mental Assimilation: Helps Mind to
Assimilate & Digest all sorts of
Thoughts & Experiences for Inner Peace!

3.) Absorption of Oxygen: Lungs to absorb Air that we breath in.
4.) Digestion of Food: Stimulates Metabolism to cure Digestion, Bloating, Flautance, Liver, Small Intestine, Pancreas;
Samana vayu governs the function of assimilation, so it makes helps the substance being introduced in to body become like the body and body becomes receptive & makes space for the treatment in the body.

It helps a patient getting mentally prepared for taking all sorts of treatments, so this Mudra can be done prior to the medical treatment infusion date, or literally during the treatment session in the painful treatments such as chemotherapy etc.
It harmonizes all 5 elements and if someone is very agitated and disharmonious somehow, then practice of Saman Mudra could restore harmony and balance within just 5-10 minutes, though within just 90 secs u could feel the difference.

One may also do it before bed to have a good sleep.

How To:- Taking a deep breath once and releasing the air slowly, join all finger tips together in both the hands for 06 to 16+ minutes daily!

NB: In case of having pain any where in the body, keeping this mudra there at the place of pain for few minutes- a lasor application kind of immdeiate relief is expected!

समान हस्त मुद्रा – कॉन्स्टिपेशन व डायबिटीज

कॉन्स्टिपेशन में समान मुद्रा व ॐ रं नमः अथवा ॐ भौमाय नमःजप सँग करें।
हाथों की चारों अंगुलियों के अग्र भाग को अंगूठे के अग्र भाग से मिलाने से समान मुद्रा बनती है। समान मुद्रा बनने के बाद ये किसी पक्षी की चौंच की तरह आकार ले लेती है। इससे पांचों अंगुलियों के पाँचों तत्वों का लाभ प्राप्त होता है। समान मुद्रा से शुक्र ग्रह प्रभावित होता है और ये मुद्रा आज्ञा चक्र को जागृत करती है। समान वायु का सम्बंध अग्नि तत्व और मणिपुर चक्र से है। समान वायु नाभि से ह्रदय तक चलती है। समान वायु भोजन से रस निकाल कर पोषक तत्वों को सभी अंगों में बांटना तथा पाचन क्रिया का कार्य करती है। समान मुद्रा अभ्यास 20 मिनट अथवा अधिक समय तक दिन में एक दो दफा करना चाहिए। 
समान मुद्रा लगा कर शरीर में जिस स्थान पर तकलीफ हो वहां पर ये चौंच रखने से तकलीफ में आराम मिलता है। समान मुद्रा से पराक्रम और शक्ति का उदय होता है। समान मुद्रा से मन और तन की शक्ति बढ़ती है। पाँचों तत्वों के मिलने से तन, मन और बुद्धि पर नियंत्रण रहता है जिससे दुर्धटनाओं से बचा जा सकता है। समान मुद्रा के अभ्यास से ऐश्वर्य और आनन्द की प्राप्ति होती है।समान मुद्रा लेजर थैरेपी का काम करती है, जिस स्थान पर समान मुद्रा की चौंच रखी जाती है उस स्थान पर ये लेज़र थैरेपी का काम करती है।

भोजन पूर्व  ऐंवम अंत में – उचित मेटाबॉलिज्म (digestion) हेतु – मणिपुर चक्र को भलीभाँति एक्टिवेट करने हेतु:-

ॐ भौमाय नमः मंत्र जप सँग समान मुद्रा अभ्यास से भोजन पाचन सही तरीके से होना बतलाया गया है।

Vaidya App Version: डायबिटीज निदान हेतु

अस्वस्थ्य जीवनशैली, तनाव, डिप्रेशन और चिंता ने तमाम बीमारियों को जन्म दिया है और उन्ही में से एक बीमारी है डायबिटीज़, जिसे मधुमेह या आम भाषा में शुगर भी कहा जाता है. यह एक ऐसी बीमारी है, जो सिर्फ़ बड़ों को ही नहीं, बल्कि बच्‍चों को भी तेज़ी से अपना शिकार बना रही है. इंटरनेशनल डायबिटीज़ फेडरेशन द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, दुनियाभर में 46 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज़ से पीड़ित हैं और 2045 तक यह संख्या 70 करोड़ के पार चली जाएगी. हमारे देश में स्थिति और भी भयावह है. भारत को विश्व का डायबिटीक कैपिटल कहा जाता है. ऐसा अनुमान है कि विश्व में डायबिटीज़ से पीड़ित होनेवाला हर पांचवां व्यक्ति भारतीय है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, 2000 में भारत में डायबिटीज़ के मरीज़ों की संख्या 3 करोड़ 20 लाख थी, जो 2013 में बढ़कर क़रीब दोगुनी 6 करोड़ 30 लाख हो गई. यह संख्या अगले 15 वर्षों में बढ़कर 10 करोड़, 10 लाख हो जाने का अनुमान है. आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि हमारे देश में हर साल 10 लाख से ज़्यादा लोग डायबिटीज़ के शिकार होकर मर रहे हैं. अमेरिका में यह मृत्यु का आठवां और अंधेपन का तीसरा सबसे बड़ा कारण बन गया है. इसी दिशा में मद्रास डायबिटीज़ रिसर्च फाउंडेशन द्वारा मई 2019 में किए गए अध्ययन के अनुसार, डायबिटीज़ की समस्या से जूझ रहे 47% भारतीयों को अपनी बीमारी के बारे में पता नहीं होता है, जबकि मात्र 24% भारतीय ही इसे नियंत्रित करने में सफल होते हैं.

डायबिटीज़ इसलिए भी अधिक खतरनाक बीमारी मानी जाती है, क्योंकि यह अपने साथ कई अन्य बीमारियां भी लाती है. यह हार्ट अटैक, किडनी फेल्यर और आंखों की रोशनी जाने की वजह बन सकती है. आमतौर पर डायबिटीज़ के 90.95 प्रतिशत मरीज़ टाइप2 डायबिटीज़ से पीड़ित होते हैं. एक ऐसी बीमारी है, जिसमें पैंक्रियाज़ पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन का निर्माण नहीं करता, जिससे रक्त में ग्लूकोज़ का स्तर बढ़ जाता है. निश्चित रूप से इसका एक बड़ा कारण पिछले 4-5 दशकों में फास्टफूड का बढ़ता चलन, खान में शक्कर, मैदा और अनहेल्दी खाद्य पदार्थों का अत्यधिक प्रयोग, असक्रिय जीवनशैली व एक्सरसाइज़ की कमी है. हालांकि ये ऐसी बीमारी है जिसमें दवा से ज़्यादा लाइफस्टाइल और डायट में बदलाव का असर होता है. डॉक्टरों के अनुसार, डायबिटीज़ से बचने के लिए आहार व दिनचर्या संतुलित व संयमित होनी चाहिए, साथ ही डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए नियमित व्यायाम जरूरी है. दवाओं, डायट व एक्सरसाइज़ के साथ-साथ मंत्र, मुद्रा व मेडिटेशन भी अहम् भूमिका निभा सकता है. इस दिशा में हुए शोध के अनुसार, लगभग 70% डायबिटीज़ के मरीज़ योग, मुद्रा व मंत्र के सामूहिक प्रयास से ठीक हो जाते हैं, जबकि 20% मरीज़ों का इंसुलिन की खुराकें कम हो जाती हैं.

योग विज्ञान में डायबिटीज़ को नियंत्रित करने के लिए बहुत उपयोगी मंत्र व मुद्रा बताई गई है. डायबिटीज़ नियंत्रित रखने में कारगर मुद्रा है समान मुद्रा. समान मुद्रा एक बहुत शक्तिशाली मुद्रा है. ये हमारे पाचन तंत्र व पेट के सिस्टम को ठीक करती है. इसे 10 मिनट सुबह-शाम करने से डायबिटीज़ के मरीज़ों को बेहद लाभ मिलता है, क्योंकि इससे प्राणिक शक्ति संतुलित होती है. ग़ौरतलब है कि हमारे पेट में समान वायु चलती है, इसलिए समान मुद्रा पैनक्रियाज़ को समान सिस्टम में लेकर आती है.

 

समान मुद्रा लगाने के लिए हथेलियों को घुटनों पर रखकर पांचों उंगलियों के अग्रभाग को आपस में मिलाएं और इसके साथ ओम अग्नि देवाय नमः का जाप करें. इस मंत्र के माध्यम से हम अग्नि देव को प्रणाम करते हैं और अग्नि देव से यह प्रार्थना करते हैं कि हमारे पेट में जो समान वायु है, उसे वापस जागृत करें और उन्हें संतुलित करें. इस मंत्र का उच्चारण करते समय वाणी थोड़ी ऊंची रखनी चाहिए. मंत्र के माध्यम से हम अग्नि का आह्वान करते हैं, क्योंकि पेट जठराग्नि कमज़ोर या अधिक हो जाने पर पैंक्रियाज़ की प्रोडक्शन क्षमता कम हो जाती है, उसे मंत्र के माध्यन से वापस जाग्रत करते हैं. मंत्र के वायब्रेशन और शक्ति से डायबिटीज़ जैसी विकराल समस्या से मुक्ति मिलती है. इसके साथ योग व ध्यान साधना चमत्कारी परिणाम दे सकती है.

Diabetes With Manta-Mudra-Meditation)

मंत्र और मुद्रा के साथ मेडिटेशन करने से अधिकतम लाभ मिलता है. मेडिटेशन एक ऐसी दवा की तरह काम करता है, जिसके जरिए हर तरह की बीमारी का इलाज किया जा सकता है. मेडिटेशऩ करने से हमारा पूरा शरीर शांत हो जाता है और समस्त तनाव दूर हो जाता है. रिसर्च बताते हैं कि ध्यान अभ्यास के दौरान दिमाग़ी तरंगे धीमी होकर 4-10 हर्ट्स पर काम करने लगती है, जिससे कि हमें पूरी तरह से शांत होने का एहसास मिलता है. इससे हमारे शरीर को भी अनेक लाभ मिलते हैं, जैसे कि बेहतर नींद आना, रक्तचाप में कमी आना, रोग-प्रतिरोधक क्षमता और पाचन प्रणाली में सुधार आना और दर्द के एहसास में कमी आना इत्यादि. ये सभी लाभ के ध्यान से हमें अपनेआप ही मिलते हैं. डायबिटीज़ पर नियंत्रण के लिए समान मुद्रा लगाकर ओम अग्नि देवाय नमः का उच्चारण करते हुए ध्यान में उतर जाएं और मणिपुर चक्र में पूरी तरह तल्लीन हो जाएं. जैसे ही आपका मणिपुर चक्र यानी नाभिचक्र संतुलित होगा, आपकी पैक्रियाज़ का फंक्शन भी संतुलित होने लगेगा. ऐसा होने पर आपके शरीर को अपनेआप इंसुलिन पर्याप्त मात्रा में मिलने लगेगी. जिससे डायबिटीज़ की समस्याओं से मुक्ति के द्वार खुल जाएंगे.

Diabetes With Manta-Mudra-Meditation

सिर्फ डायबिटीज़ ही नहीं, ध्यान और मंत्र-मुद्रा की मदद से आप हृदय संबंधी रोग, ब्लडप्रेशर, जोड़ों में दर्द जैसी 1-2 नहीं, बल्कि सभी बीमारियों से निजात पा सकते हैं

 

 

 

 

 

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