Shankh Hasta Mudra शंख हस्त मुद्रा

शंख मुद्रा के नियमित अभ्यास से हर प्रकार के वाणी सम्बंधित दोष जैसे की हकलाने – तुतलाने, गला बैठने, गले की जलन ऐंवम पित्त एलर्जी, शारीरिक बेचैनी और मानसिक उत्तेजना, आँतों मांसपेशियों व लकवा आदि रोगों व्याधियों को ठीक करने में सहायक सिद्ध होती हैI Performing Shankh Mudra regularly can heal many throat related problems. It also proves helpful in lungs and speech realted issues. 
चूंकि इस मुद्रा का सम्बन्ध मणिपुर चक्र से भी होता है, अतः इस कारण से शंख मुद्रा का शरीर के स्नायुतंत्र पर भी अच्छा खासा प्रभाव पड़ता है।शंख मुद्रा का सम्बंध थ्रोट यानि विशुद्ध चक्र से होने से यह आवाज की मधुरता और गुणवत्ता को बढ़ा – संगीत साधना से जुड़े साधकों की वाणी को नित निरन्तर और भी अधिक मधुर करने से भी अत्यंत उपयोगी साबित होती है।इसे नियमित रूप से करने पर स्नायुओं और पाचन संस्थान का कार्य सुचारु रूप से होने लगता है व खुल कर भूख लगने लगती है जिसके कारण नर्वस सिस्टम और पाचन तंत्र मजबूत होता है।

बालकों बालिकाओं की लंबाई बढ़ाने हेतु:- 16 वर्ष तक केे बालकों बालिकाओं को 24 मिनट सुबह शाम सँग में ज्ञान प्राण ऐंवम आकाश मुद्राओं Calcium Phosphorus हेेतु

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