व्रत वाले दिन – प्राण मुद्रा भूख प्यास की परेशानियों से बचाये

 व्रत रखने वाले दिन – प्राण हस्त मुद्रा करने से सारे दिन ऊर्जावान बने रहने से भूख और प्यास परेशान नहीं करते

How To: प्राण मुद्रा में पृथ्वी तत्व वाली रिंग फिंगर-अनामिका और जल तत्व वाली लिटिल कनिष्टिका वाली दोनों उंगलियों के पोर अंगूठे के पोरों से लगाए जाते हैं। तर्जनी और मध्यमा को सीधा रखा जाता है। इस प्रकार प्राणवायु मुद्रा बनती है।

प्राण वायु मुद्रा के लाभ:- व्रत रखने वाले दिन – प्राण हस्त मुद्रा करने से सारे दिन ऊर्जावान बने रहने से भूख और प्यास परेशान नहीं करने के अतिरिक्त, इस मुद्रा के 16+मिनिटों के अभ्यास से निम्ननलिखित लाभ भी प्राप्त होते हैं:-

अपने नाम के अनुरूप, प्राण हस्त मुद्रा करने से हमारी प्राणशक्ति बढ़ती है। इसके अभ्यास से आँखों की रौशनी तेज होती है। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। थकान दूर होती है। इसे ज्ञान मुद्रा संग करने से अनिद्रा की समस्या भी तुरंत दूर हो जाती है। यह स्वास्थ्य और ऊर्जा बनाये रखने में राम बाम सिद्ध होती है।

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