व्यवहार घर का ‘कलश’ और
इंसानियत घर की ‘तिजोरी’ कहलाती है –
मधुर वाणी घर की ‘सम्पत्ति’ और
शान्ति घर की ‘लक्ष्मी’ कहलाती है –
पैसा घर का ‘मेहमान’ और
एकता घर की ‘ममता’ कहलाती है –
बच्चे घर की ‘खुशियाँ’ तो
व्यवस्था घर की ‘शोभा’ और
समाधान ही घर का ‘सच्चा-सुख’ कहलाता है !!!!!!
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