Latest News

षट्चक्र बीजमंत्र – इंजीनियर विपुल सैन विपुल, लखनवी जी

मूलाधार चक्र : अनाहत ध्वनि: वं, शं; षं; सं; लं वर्णों की अनाहत ध्वनि गूंजायमान रहती है। लं बीच में होता है। अत: ॐ लं लम्बोदराय नम: जाप कर इसको उद्देलित किया जा सकता है। जहां मां काली का वास है जो मां दुर्गा का रूप है और कुंडलनी शक्ति है। देखें दुर्गा सप्तशती की आरती (मूलाधार निवासनी यह पर सिद्दी प्रदे) और सिद्धी कुंजिका स्रोत्र जहां विभिन्न बीज मंत्र दिय हैं।

स्वाधिष्ठान चक्र : यह चक्र नाभि के नीचे योनी के कुछ ऊपर होता है। त्रिक चक्र (अंडाशय/पुरःस्थ ग्रंथि), जल तत्व की प्रधानता। बं, भं, मं, थं, रं, लं, वं वर्णों की अनाहत ध्वनि गूंजायमान रहती है। यहां बम बम महादेव बोला जा सकता है। क्योकि बं बीच में होता है। इस मंत्र को सिद्ध करने से आप जल पर नियंत्रण कर सकते हैं।

मणिपूर, सौर स्नायुजाल चक्र (नाभि क्षेत्र)। जहां डं, ढं, णं, तं, दं, धं, नं, पं, यं, फं, रं वर्णों की अनाहत ध्वनि गूंजायमान रहती है। यहां अग्नि तत्व रं माध्य में है। अत: ॐ रं रामाय नम: या रं रमाय नम: जाप किया जा सकता है।

अनाहत यानी ह्रदय चक्र (ह्रदय क्षेत्र)। अन आहत यानी बिना चोट की आवाज। वायु तत्व जहां कं, खं, ग, घं, ड़ं, चं, छं, जं, झं, त्रं, टं, ठं, यं वर्णों की अनाहत ध्वनि गूंजायमान रहती है। यहां यम है। अतं इसका मंत्र ॐ यं यामाय नम: हो सकता है। इसको सिद्ध करने पर आप निराहार जी सकते हैं।

विशुद् / कंठ चक्र (कंठ और गर्दन क्षेत्र)। यहां हं है यानि आकाश तत्व अब यहां तक हमारे शरीर के पांचो तत्व पूरे हो गये। क्योकि इसके आगे की यात्रा शरीर के बाह्र और भीतर दोनो तरफ है। जहां अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ज्ञ, लृ; ए, ऐ, ओ, अं; अः ह वर्णों की अनाहत ध्वनि गूंजायमान रहती है।यहां पर ॐ हं हनुमंतये नम: मंत्र जप किया जा सकता है। यह आपको आकाशिय शक्तियां देता है।

आज्ञा, ललाट या ध्यान या तृतीय नेत्र । जहां स्त्रियां बिन्दी लगाती हैं। जहां हं, क्षं, ॐ वर्णों की अनाहत ध्वनि गूंजायमान रहती है। यहां ॐ बीच में हैं। अत: ॐ का जाप लाभकारी होता है।

सहस्रार, शीर्ष चक्र (सिर का शिखर; एक नवजात शिशु के सिर का ‘मुलायम स्थान (तालू)। जहां दल के वर्णों की अनाहत ध्वनि गूंजायमान रहती है।

अब सीधी सी बात आप समझ गये होंगे यदि आप बीज मंत्र का जाप करते हैं तो सीधे सीधे चक्रों की पंखुडियों को उद्देलित कर रहे हैं। और यहीं से सिद्दियों का जन्म होता है।

0Shares

By Hastamudraexpert

DC Chaudhery, (BSc; MCom; MEd);
(IAS, HCS Exams Qualified)

Former: DPC-SSA cum
Dy Distt Edu Officer, Fbd,

Member:
- Governing Body,
Faridabad Education Council,
- Ethical Committee,
Manav Rachna International Institute of Research and Studies, Faridabad.

Former Advisor:
Faridabad Navchetna Trust;
(Patron: Hon'ble Vipul Goel Minister)
Dr OP Bhalla Foundation -
(Manav Rachna University, Fbd.)

Former Member:
- Haryana State EducatIon Committee;
- Member, Exams Board of School EducatIon, Haryana;
- Resource Person, Deptt of Education, Haryana;
- Distt President, Haryana Edu Officers Assoc;
- Fin & Admin Advisor,
Additional Deputy Commissioner, Fbd cum Admnistrator Echelon Engg Inst;

An Experienced Holistic Well-being Vedic Educator In The Field Of:
Kundalini Awakening Through
Vedic Hasta Mudras Yoga Therapy,
Chakras Balancing,
Beeja Mantras Jap Yoga,
Meditation, Nadi Shodhan Pranayam &
Vedic Astrology!
Mobile: 9911417418, 9868358257
fb: www.facebook.com/dcchaudhery3
Pg:www.facebook.com/VedicEducators
(fbPg: EduCare: fb.me/VedicEducators/
Email: d.c.chaudhery@gmail.com
Website: www:hastamudras.com

Leave a Reply