Mantras & जप – A Tool To Quiet Our Mind By Activating Alpha Brain Waves!

A mantra is simply a tool to quiet your mind. It is a method to activate your alpha brain waves to produce a meditative state. 

In sanskrit, word ‘mantra’ Is ‘man’ (mind)+ ‘tra’ (travel/transcend/cross-over). So mantra is sound you use to transcend mind. Some of these sounds are recognized as key sounds which are known as ‘bija’ mantra. ‘Bija’ = seed. So these are key sounds that have specific effect on body which still works even if you say them inside your head! One doesnt need to necessarily say it out loud.
In transcendental meditation when you say these sounds inside the head – you are basically creating a certain effect on mind and body. Different bija mantras have different effects.


मन्त्र_शक्ति का रहस्य 💐

मन्त्र जप करने से क्या लाभ होते है ?
अपने इष्ट को प्रसन्न करने केलिये मन्त्र जप का क्या महत्व है ?
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मंत्र के #विज्ञान को समझने की आवश्यकता है।
मंत्र का सृजन यह ध्यान में रखकर किया जाता है कि मंत्र की ध्वनियों का उच्चारण किस स्तर की #शक्ति कंपन उत्पन्न करता है और उसका जपकर्ता पर तथा बाहरी वातावरण पर तथा अभीष्टप्रयोजन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
वस्तुत: #जप से शरीर में स्थित चक्रों, उपत्यकाओं एवं ग्रंथियों का सामर्थ्य बढ़ता है।

  • व्यक्ति में भौतिक प्रतिभा और #आत्मिक दिव्यता विकसित होती है।
  • अलौकिक क्षमताएं प्राप्त होती है।
  • लगातार जप करने से ध्वनि के चेतन तत्व जहां भी टकराते हैं, वहां चेतनात्मक हलचल उत्पन्न करते हैं, जिससे जपकर्ता का ” ओरा ”
    ( #आभा मण्डल ) दैदीप्यमान होता है , तथा #आकर्षण शक्ति का #विकास होता है।
  • मंत्र जप की दोहरी प्रक्रिया होती है एक भीतर और दूसरी बाहर, लगातार जप एक प्रकार
    का घर्षण उत्पन्न करता है जिससे सूक्ष्म शरीर में
    उत्तेजना उत्पन्न होती है।
  • जप और ध्यान के मेल से मानसिक शक्तियां
    सिमटने लगती है, उनका बिखराव बंद हो जाता
    है।
    — * — कभी-कभी मन, जप करते-करते अचेतन की किसी बात में रमने लगता है, भटक जाता है, तब ऐसे विचार उठने लगते है जिन पर ग्लानि होने लगती है , मन खिन्न होने लगता है , मन मे निराशा के भाव उतपन्न होने लगते है, ऐसी अवस्था में भटकें नहीं निराश न हों, बल्कि मन की इस उछलकूद को नजर अंदाज करें,
    अपने आत्मतत्व पर विचार करने लगे, मन शांत
    होता चला जाएगा।
    ध्यान रखें — तुरन्त कोई चमत्कार या लाभ नही होनेवाला , समय लगेगा , यह अनवरत चलने वाला प्रयाश है जब तक जीवन मे सकारात्मक परिवर्तन दिखाई ना दे तब तक अपने प्रयासों को सुधारते जाईये अपने विश्वास को मजबूत – और मजबूत करते जाईये, आप को पथ भृमित करनेवाली की घटनाएं अचानक – अचानक घटित होंगी , चारो तरफ निराश के बादल छाएंगे , मग़र उस निराश को चीरते हुए आपको अपने संकल्प पर अडिग रहना है, अपने विश्वास को टूटने नही देना है, ” यही परीक्षा है ”
    ( मत भूलिये हम लोग अभी कलयुग में जी रहे है )
  • जप से आत्म तेज बढ़ता है ,
  • जप से ऊर्जा उतपन्न होती है, जिस से दैवीय तत्वों का विकास होता है।
  • जप से सकारात्मक ऊजा मिलती है , जीवन मे ऐसे अज्ञात परिवर्तन होते हैं जिनके कारण दुख और चिंताओं से ग्रस्त मनुष्य
    थोड़े ही समय में सुख-शांति का जीवन बिताने
    की स्थिति में पहुंच जाता है।
  • संकट के समय में विपदाओं को हल कनरे का
    रास्ता सूझने लगता है।
  • साधक का आपा इतना ऊंचा उठ जाता है कि आत्म साधना अपने आप पूरी होने लगती है।
  • हम उत्कृष्ट जीवन जीने केलिये और अपनी आत्म को पवित्र करने के लिए जप करें। ये आवश्यक नही कि जप जप के लिये निर्धारित समय पर ही किया जाय।
    अपने इष्ट को प्रसन्न करने केलिये मन्त्र किसी भी समय किया जा सकता है , केवल शरीर की तथा विचारों की पवित्रता का ध्यान रहे।
    💐 हरि ॐ – हरि ॐ – हरि ॐ – हरि ॐ 💐

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