Updated : Sep 15, 2019 in Uncategorized

APAN अपान- A Body Detoxification Hasta Mudra

गलत खान पान ऐंवम पॉल्युशन से शरीर में एकत्रित हुए टॉक्सिन्स को बाहर निकाल स्वस्थ रहने हेतु – अपान हस्त मुद्रा करने से – नाभि से पैरों के तलवों तक के निचले शारीरिक हिस्सों का डिटॉक्सिफिकेशन व विसर्जन कार्य नियमित हो, पाचन तंत्र को मजबूत मिलती है। पेट के निचले भाग को प्रभावित करने वाले- आंतों, गुर्दे, मूत्र-मार्ग, मधुमेह, पाइल्स, टांगों, नस नाड़ी, यूटरस, पीरियड्स आदि सम्बंधित सभी रोग पृथ्वी, आकाश और अग्नि तत्वों ऐंवम फलतः मूलाधार तथा स्वाधिस्ठान चक्रों के असंतुलन का परिणाम होते हैं। इन समस्याओं के समाधान में अपान मुद्रा अत्यंत उपयोगी होती है। अपान मुद्रा अभ्यास से मूलतः मूलाधार और स्वाधिष्ठान चक्र संतुलित हो, प्राण वायु शुद्ध व मजबूत बन- पेट के सभी अंग सक्रिय हो स्वस्थ बने रहते हैं। 

अन्य उपयोग:- मनो-शारीरिक टॉक्सिन्स की सफ़ाई से पेट के निम्न समस्त रोग – पाइल्स – यूरिनरी ट्रैक ऐंवम स्किन इंफेक्शन, digestion, वजन नियंत्रण, किडनी, लिवर, स्वाश, गैस, एसिडिटी, कब्ज, दंत रोग, शरीर की नलिनाड़ियाँ का शुद्धिकरण, मल दोष विसर्जिन, यूरिन संबंधी दोष, शुगर, दोष ठीक हो शरीर निर्मल बनता है!

Apan Hasta Mudra – Is A Wonder Detoxification Remedy for the Liver and Gall-bladder, Urinary Track as this mudra helps to remove waste
materials, specially toxins and
cures urinary problems. It has a
balancing effect on the mind to give self confidence, patience, serenity and inner harmony which are the quality of a well functioning liver.
How To: पृथ्वी तत्त्व की रिंग फिंगर्स ऐंवम आकाश तत्त्व की मिडल फिंगर्स को अग्नि तत्त्व के अँगूठों सँग मिला कर रखने से अपान हस्त मुद्रा बनती है!

समय अवधि: 16+ मिनट, एक से तीन बार डेली – दोनों हाथों से

नोट:-1. अपान मुद्रा के पस्चात, 16+ मिनट का प्राण मुद्रा अभ्यास, अपान मुद्रा प्रभाव को और भी अधिक उपयोगी बनाने में सहायक होता है!

2. बतलाते हैं की गर गर्भावस्था के नवें माह से इसका अभ्यास किया जाये तो नार्मल डिलीवरी की सम्भावनाएं बढ़ जाती हैं!

3. अपान मुद्रा अभ्यास से यूरिन पास होने की मात्रा कुछ अधिक हो जाती है।

4. Loose Motions होने पर, अपान हस्त मुद्रा का अभ्यास न करें, क्यों की यह मुद्रा सवेंम में से excretion में बढ़ोतरी करती है!

5. तत्पश्चात as a finishing mudra – 16+ मिनट प्राण हस्त मुद्रा प्रैक्टिस करना और भी लाभदायक होगा।

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